पंचायतीराज नेतृत्व मंच

ग्राम सरकार से आत्मनिर्भर भारत तक

विजन: सशक्त पंचायतीराज संस्थाओं के माध्यम से ग्राम सरकार की स्थापना • समृद्ध ग्राम सरकार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण

मिशन: पंचायतों का सहयोग, मार्गदर्शन एवं क्षमता वृद्धि

संगठन उत्तर प्रदेश में गहराई से कार्यरत है और पंचायत सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नीति संवाद, प्रशिक्षण और अधिकारों की वकालत करता है।

संगठन का प्रगति पथ

उद्देश्य

हमारा उद्देश्य

हम पंचायत प्रतिनिधियों की गरिमा और ग्राम स्वशासन को केंद्र में रखकर कार्य करते हैं।

  • ग्राम प्रधानों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सशक्त बनाना।
  • ग्राम सरकार की आत्मनिर्भर, जवाबदेह और सहभागी व्यवस्था को मजबूत करना।
  • प्रशासनिक, वित्तीय और नेतृत्व क्षमता के लिए सतत प्रशिक्षण उपलब्ध कराना।

सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाएं

01
व्यवस्था

ग्राम पंचायतों को मिला सचिवालय

02
व्यवस्था

ग्राम पंचायतों में की गयी सहायकों की तैनाती

03
व्यवस्था

ग्राम सचिवालय में बनेंगे सेवा केंद्र

04
व्यवस्था

क्लस्टर में होगी सचिव की तैनाती

05
व्यवस्था

ग्राम पंचायत 'सदस्यों' को मिलेगा भत्ता

06
व्यवस्था

क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्यों की बढ़ी भत्ते की धनराशि

07
व्यवस्था

सर्वाधिक मानदेय वाला राज्य बना उत्तर प्रदेश

08
व्यवस्था

मानदेय के लिए मिलेगी अलग से धनराशि

09
व्यवस्था

प्राइवेट इंजीनियर रखने का मिला अधिकार

संवैधानिक सशक्तिकरण

73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992

73वें संशोधन ने पंचायतों को संवैधानिक आधार देकर लोकतंत्र को गांव तक मजबूत किया। यह संशोधन भाग-IX (अनुच्छेद 243 से 243-O) के माध्यम से त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था, नियमित चुनाव, आरक्षण और वित्तीय सशक्तिकरण का ढांचा स्थापित करता है।

मुख्य प्रावधान

  • ग्राम, ब्लॉक और जिला स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था।
  • हर 5 वर्ष में समयबद्ध चुनाव और स्वतंत्र राज्य निर्वाचन आयोग की व्यवस्था।
  • महिलाओं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण।
  • राज्य वित्त आयोग के माध्यम से पंचायतों को संसाधन वितरण की समीक्षा।
  • ग्राम सभा की भूमिका को मान्यता और स्थानीय भागीदारी को बढ़ावा।
  • 11वीं अनुसूची के 29 विषयों पर पंचायतों की भूमिका का संवैधानिक संदर्भ।

प्रधन संगठन की भूमिका

  • 73वें संशोधन के अधिकारों पर ग्राम प्रधानों के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता शिविर।
  • वित्त, कार्य और कार्मिकों के वास्तविक प्रत्यायोजन के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मांग-पत्र।
  • ग्राम सभा की सक्रियता, सामाजिक अंकेक्षण और पारदर्शिता पर फील्ड मार्गदर्शन।
  • पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं पर विभागीय व शासन स्तर पर नियमित संवाद।
  • उत्तर प्रदेश में व्यापक जमीनी नेटवर्क के साथ राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों से समन्वय।

संगठन का कार्य उत्तर प्रदेश में व्यापक है, पर दृष्टि और हस्तक्षेप राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रित है।

संगठन की संरचना और सदस्य

राष्ट्रीय कार्यकारिणी संरचना

राष्ट्रीय कार्यकारिणी: 21 सदस्य + 2 आमंत्रित सदस्य

शीर्ष नेतृत्व

अध्यक्ष (President)

कोर समन्वय

उपाध्यक्ष (Vice President) - 2 पदराष्ट्रीय संयोजक (National Convener)प्रवक्ता (Spokesperson)

सचिवीय इकाई

मुख्य सचिव (Chief Secretary)सचिव (Secretary)कोषाध्यक्ष (Treasurer)

सदस्य इकाई

सदस्य - 13आमंत्रित सदस्य - 2

कार्य प्रणाली

  • अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी नीति दिशा और प्राथमिकताएं तय करते हैं।
  • उपाध्यक्ष क्षेत्रीय समन्वय और प्रतिनिधियों के मुद्दों का नेतृत्व करते हैं।
  • राष्ट्रीय संयोजक राज्य/जिला इकाइयों को जोड़कर कार्रवाई समन्वित करता है; प्रवक्ता जन-संचार संभालता है।
  • मुख्य सचिव, सचिव और कोषाध्यक्ष प्रशासन, अभिलेख, वित्त व अनुपालन का संचालन करते हैं।
  • सदस्य और आमंत्रित सदस्य फील्ड स्तर पर जन-संवाद, फॉलो-अप और समस्या रिपोर्टिंग करते हैं।

एडमिन शब्दावली और फोटो सेक्शन

प्रशासनिक शब्दावली

दो टैब में विस्तारित शब्द सूची: मुख्य और उन्नत प्रशासनिक शब्दावली।

पंचायत प्रशासन में रोजाना उपयोग होने वाले मूल शब्द।

ग्राम सभा

गांव के मतदाता नागरिकों की आम सभा, जहां स्थानीय प्रस्तावों और योजनाओं पर निर्णय होते हैं।

ग्राम पंचायत

गांव स्तर की निर्वाचित स्थानीय स्वशासन इकाई।

प्रधान

ग्राम पंचायत का निर्वाचित प्रमुख, जो विकास और प्रशासन का नेतृत्व करता है।

सचिवालय

ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों के संचालन हेतु कार्यालय व्यवस्था।

मानदेय

निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रदान की जाने वाली निर्धारित आर्थिक सहायता।

भत्ता

कार्य संबंधित खर्चों के लिए निर्धारित अतिरिक्त भुगतान।

क्षमता वृद्धि

प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के माध्यम से दक्षता, ज्ञान और नेतृत्व कौशल बढ़ाना।

विकास योजना

ग्राम स्तर पर प्राथमिकताओं के अनुसार बनाई गई कार्य योजना।

क्लस्टर

पास-पास की पंचायतों का समूह, जहां साझा प्रशासनिक संसाधन लगाए जाते हैं।

आपदा प्रबंधन

आपात परिस्थितियों के लिए स्थानीय तैयारी, प्रतिक्रिया और पुनर्वास प्रक्रिया।

मैदानी फोटो गैलरी

अपडेटेड कैप्शन के साथ मैदानी तस्वीरें यहां प्रीव्यू में हैं। पूरी इंटरैक्टिव गैलरी अलग फोटो पेज पर उपलब्ध है।

चीफ सेक्रेटरी के साथ संगठन प्रतिनिधियों की बैठक
चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार जी के साथ संवाद
लखीमपुर जिले में पंचायत मुद्दों पर समीक्षा बैठक
लखीमपुर में समीक्षा बैठक
संसदीय स्तर पर पंचायत हितों को लेकर संवाद
लोकसभा अध्यक्ष के साथ संवाद
केंद्र सरकार के मंत्री के साथ प्रतिनिधिमंडल मुलाकात
माननीय मंत्री, भारत सरकार के साथ भेंट
संगठन द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को सौंपा गया ज्ञापन
मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव के साथ शिष्टाचार बैठक
मुख्यमंत्री के सचिव से शिष्टाचार भेंट
प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठनात्मक संवाद
प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा के नेतृत्व में बैठक
पंचायती राज विभाग के साथ विषयगत चर्चा
पंचायती राज विषयों पर विभागीय संवाद

संपर्क और कार्यालय

राजकीय कार्यालय: कक्ष संख्या-26, लोहिया भवन, निदेशालय, पंचायती राज विभाग, अलीगंज, लखनऊ।

प्रशासकीय कार्यालय: 1/249, विराम खण्ड, गोमतीनगर, लखनऊ।

अध्यक्ष और कन्वीनर से सीधे संवाद के लिए ऊपर दिए गए नंबरों पर कॉल करें, या फॉर्म भरें।

फोन नंबर से जुड़ें

ईमेल या लंबे रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं, केवल मोबाइल नंबर से संवाद शुरू करें।